HIGHLIGHTS
- 9 साल पुराने देवकी अपहरण और यौन उत्पीड़न केस में एक्टर दिलीप बरी
- मुख्य आरोपी पल्सर सुनी समेत 6 दोषी, सजा का ऐलान 12 दिसंबर को
- 261 गवाह, 834 डॉक्यूमेंट और 109 दिन चली बहस
- इसी केस से मलयालम इंडस्ट्री में मी-टू मूवमेंट ने जोर पकड़ा
मलयालम फिल्म इंडस्ट्री का सबसे चर्चित Dileep case verdict आखिरकार सामने आ गया है। 17 फरवरी 2017 से शुरू हुआ देवकी अपहरण और यौन उत्पीड़न मामला करीब 9 साल तक अदालत, मीडिया और इंडस्ट्री के गलियारों में घूमता रहा। अब केरल की एर्नाकुलम सेशन कोर्ट ने सुपरस्टार एक्टर दिलीप को सभी आरोपों से बरी कर दिया है, जबकि मुख्य आरोपी पल्सर सुनी सहित छह लोगों को दोषी ठहराया गया है। यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं रहा, बल्कि इंडस्ट्री की अंदरूनी सच्चाइयों, ताकत के दुरुपयोग और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल बन गया।
क्या थी पूरी घटना: एक रात जिसने सब बदल दिया
17 फरवरी 2017 की शाम देवकी त्रिशूर से कोचीन के लिए निकली थीं। प्रोमो शूटिंग का काम था, इसलिए प्रोडक्शन टीम ने कार भेजी। ड्राइवर था मार्टिन अंटोनी। रास्ता आम था, माहौल सामान्य… और फिर कहानी ने अंधेरा मोड़ ले लिया।
रात करीब 9 बजे कार एक वैन से टकराई। ड्राइवर ने गाड़ी रोकी और उसी पल दो लोग जबरन कार में घुस आए। यहीं से देवकी की जिंदगी के सबसे खौफनाक दो घंटे शुरू हो गए।
चलती कार में अपहरण और यौन उत्पीड़न
कार आगे बढ़ी, लेकिन कंट्रोल देवकी के हाथ में नहीं रहा। कुछ ही दूरी पर गाड़ी फिर रोकी गई।
अब कुल पांच लोग कार में थे:
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मणि
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विजेश
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प्रदीप
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सलीम
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सुनील उर्फ पल्सर सुनी
ड्राइविंग सीट बदली गई, दरवाजे लॉक कर दिए गए। सुनील पीछे की सीट पर देवकी के बगल में बैठा था। चेहरे पर मास्क था, लेकिन नाम सुनते ही देवकी पहचान गईं। यही सुनील कुछ महीने पहले गोवा में शूटिंग के दौरान उनके साथ जुड़ा था।
“मुझे कोटेशन पर भेजा गया है”
चलती कार में देवकी के साथ यौन उत्पीड़न हुआ। पूरी घटना का वीडियो बनाया गया। देवकी खुद को बचाने की कोशिश करती रहीं, रोती रहीं, गिड़गिड़ाती रहीं। जवाब में सुनील का एक ही वाक्य था –
“मुझे कोटेशन पर भेजा गया है।”
मलयालम इंडस्ट्री में सुपारी अपराध को ‘कोटेशन’ कहा जाता है। नाम किसी का नहीं लिया गया, लेकिन इशारा साफ था।
गैंगरेप की धमकी और डर की दो घंटे लंबी रात
देवकी ने पुलिस को बताया कि विरोध करने पर गैंगरेप की धमकी दी गई। कहा गया कि ज्यादा शोर मचाया तो उन्हें किसी अपार्टमेंट में ले जाया जाएगा, जहां बाकी लोग इंतजार कर रहे होंगे।
रात 11 बजे तक यह सब चलता रहा। फिर अचानक सुनील कार से उतर गया। बाकी आरोपी देवकी को डायरेक्टर लाल के घर छोड़कर चले गए, जैसे कुछ हुआ ही न हो।
डायरेक्टर लाल ने क्या देखा
डायरेक्टर लाल ने बिना कैमरे पर बताया था कि देवकी जब उनके घर पहुंचीं, तो बेहद डरी हुई थीं।
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वह रो रही थीं
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कुछ बोल पाने की हालत में नहीं थीं
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एकदम सहमी हुई थीं
लाल ने तुरंत प्रोड्यूसर एंटो जोसेफ को फोन किया। थोड़ी ही देर में MLA पीटी थॉमस भी वहां पहुंच गए। अगले दिन मजिस्ट्रेट के सामने देवकी का बयान दर्ज हुआ।
तेजी से हुई शुरुआती गिरफ्तारियां
पुलिस ने पहले ड्राइवर मार्टिन, सलीम और प्रदीप को गिरफ्तार किया। इसके बाद मणि, सुनील और विजेश तमिलनाडु से पकड़े गए।
एक सप्ताह के भीतर सभी अपहरणकर्ता गिरफ्तार हो चुके थे। मामला यहीं खत्म हो जाता, लेकिन असली कहानी अभी बाकी थी।
दिलीप पर क्यों आया शक
इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, मामला निजी रिश्तों से जुड़ा था।
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दिलीप और उनकी पत्नी मंजू वारियर के बीच तलाक की प्रक्रिया चल रही थी
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देवकी और मंजू अच्छी दोस्त थीं
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दिलीप और एक्ट्रेस काव्या माधवन के बढ़ते रिश्तों की जानकारी देवकी को थी
शक था कि देवकी ने यह बात मंजू वारियर को बताई।
बैन, बहिष्कार और अकेलापन
2015 में देवकी को इंडस्ट्री से बैन कर दिया गया।
AMMA (Actor Association) से बाहर करने की तैयारी थी।
देवकी को लगने लगा था कि यह सब योजनाबद्ध है। कोई खुले तौर पर साथ नहीं खड़ा था। इंडस्ट्री में काम मिलना बंद हो चुका था।
मंजू वारियर की गवाही: टर्निंग पॉइंट
21 जून 2017 को मंजू वारियर ने पुलिस के सामने गवाही दी।
उन्होंने साफ कहा:
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देवकी ने उन्हें दिलीप और काव्या माधवन के रिश्ते के बारे में बताया था
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यही दिलीप की नाराजगी की वजह बनी
इस बयान के बाद दिलीप को आरोपी संख्या 8 बनाया गया।
दिलीप की गिरफ्तारी और बेल
10 जुलाई 2017 को घंटों पूछताछ के बाद दिलीप गिरफ्तार किए गए।
पुलिस का दावा था:
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दिलीप ने पूरी साजिश रची
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उन्होंने सुनील से कई बार होटल में मुलाकात की
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अपहरण और यौन उत्पीड़न का निर्देशन किया
गिरफ्तारी के अगले दिन AMMA से दिलीप को हटा दिया गया।
दो महीने बाद सुप्रीम कोर्ट से बेल मिल गई।
लंबा ट्रायल: आंकड़े जो थका दें
इस केस का ट्रायल अपने आप में इतिहास बन गया।
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| कुल गवाह | 261 |
| पेश दस्तावेज | 834 |
| बहस के दिन | 109 |
| ट्रायल शुरू | जनवरी 2020 |
कई गवाह बाद में पलट गए। कुछ चुप हो गए। कुछ विदेश चले गए।
दो अहम गवाहों की मौत
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पूर्व विधायक पीटी थॉमस
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निर्देशक बालचंद्र कुमार
दोनों की ट्रायल के दौरान मौत हो गई। इससे केस की दिशा और पेचिदा हो गई।
मी-टू मूवमेंट की शुरुआत
देवकी का मामला सिर्फ कोर्ट तक सीमित नहीं रहा।
रीमा कलिंगल, रम्या नंबिशन और अन्य कलाकारों ने मिलकर
Women in Cinema Collective (WCC) बनाई।
उद्देश्य साफ था:
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महिलाओं की सुरक्षा
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कार्यस्थल पर सम्मान
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चुप्पी की संस्कृति तोड़ना
यहीं से मलयालम इंडस्ट्री में मी-टू आंदोलन को असली आवाज मिली।
हेमा कमेटी और चौंकाने वाली रिपोर्ट
जुलाई 2017 में हेमा कमेटी बनाई गई।
अगस्त 2024 में रिपोर्ट सामने आई।
रिपोर्ट में:
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30 से ज्यादा एक्ट्रेस और आर्टिस्ट ने यौन शोषण की बातें बताईं
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सिस्टमेटिक पावर एब्यूज की पुष्टि हुई
देवकी अकेली नहीं थीं, फर्क बस इतना था कि उनकी कहानी सामने आ गई।
कोर्ट का अंतिम फैसला
करीब 9 साल बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया।
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दिलीप सभी आरोपों से बरी
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पल्सर सुनी समेत 6 आरोपी दोषी
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सजा का ऐलान 12 दिसंबर को
दिलीप ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची गई थी और अब सच सामने आ गया।
एक अजीब विरोधाभास
यह मामला अजीब सवाल छोड़ जाता है:
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अपहरण और यौन उत्पीड़न कोर्ट ने माना
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अपराधी दोषी ठहरे
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मगर साजिशकर्ता साबित नहीं हुआ
इसे ही कानून की भाषा में सबूतों का खेल कहा जाता है।
थोड़ा सा व्यंग्य (ज्यादा नहीं)
फिल्मी पर्दे पर जस्टिस 2 घंटे में मिल जाता है,
असल जिंदगी में उसे पाने में 9 साल लगते हैं।
डायलॉग कट जाते हैं, गवाह पलट जाते हैं,
मगर पीड़िता की यादें कभी एडिट नहीं होतीं।
निष्कर्ष (Conclusion)
देवकी मामला मलयालम इंडस्ट्री का आईना है।
कानून ने अपना फैसला सुनाया, लेकिन सामाजिक बहस अभी खत्म नहीं हुई।
यह केस बताता है कि आवाज उठाने की कीमत बहुत भारी होती है,
और चुप रहने की कीमत उससे भी ज्यादा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. देवकी केस में क्या दिलीप दोषी पाए गए?
नहीं, कोर्ट ने सबूतों के अभाव में दिलीप को बरी किया।
Q2. मुख्य आरोपी कौन था?
पल्सर सुनी, जिसे अपहरण और यौन उत्पीड़न में दोषी ठहराया गया।
Q3. सजा कब सुनाई जाएगी?
12 दिसंबर को दोषी पाए गए आरोपियों की सजा घोषित होगी।
Q4. क्या यह केस मी-टू मूवमेंट से जुड़ा है?
हां, इसी मामले के बाद मलयालम इंडस्ट्री में WCC और मी-टू को मजबूती मिली।
Q5. हेमा कमेटी क्या है?
इंडस्ट्री में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न की जांच के लिए बनी कमेटी।
