भारत की घरेलू क्रिकेट में खराब हालत: आखिर गलत क्या हो रहा है?

HIGHLIGHTS

1️⃣ भारत 2-0 से सीरीज हारा, गुवाहाटी टेस्ट 408 रन से गंवाया।
2️⃣ 93 साल के इतिहास में पहली बार 400+ रनों से हार।
3️⃣ घरेलू मैदान पर पिछले 7 में से 5 टेस्ट में हार।
4️⃣ पाकिस्तान और न्यूजीलैंड ने घरेलू प्रदर्शन में भारत को पछाड़ा।

भारत का टेस्ट मैच रिकॉर्ड घरेलू मैदान पर हमेशा से ताकतवर माना जाता था। बड़े-बड़े खिलाड़ी, धीमी पिचें, घूमती गेंद, और दर्शकों का समर्थन — यह सब मिलकर विरोधियों का स्वागत नहीं, बल्कि परीक्षण करता था। लेकिन हाल की स्थिति कुछ अलग कहानी बता रही है।

भारत की टीम अब टेस्ट में घर पर ही संघर्ष करती दिखाई दे रही है। शायद टीम इंडिया अब घर पर भी guest mode ऑन कर चुकी है।

गुवाहाटी टेस्ट में टीम इंडिया 549 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सिर्फ 140 पर सिमट गई और मैच 408 रन से हार गई। यह अंतर इतना बड़ा है कि टीवी पर चलती स्कोरलाइन देखकर भी लोग कह रहे थे — “यही स्कोर है या टीवी पर zoom कम है?”


भारत की ऐतिहासिक हार

भारत की 93 साल की टेस्ट क्रिकेट की कहानी में पहली बार 400+ रनों से हार जुड़ गई। पहले ऐसा रिकॉर्ड बस विरोधियों के पास था, अब भारत भी उस क्लब में शामिल हो गया है… लेकिन उल्टी तरफ से।

  • सीरीज: दो टेस्ट

  • नतीजा: साउथ अफ्रीका 2-0

  • भारत की कुल शर्म: अनलिमिटेड

क्रिकेट फैन क्लब व्हाट्सऐप ग्रुप में लोग अब उसी जज़्बे से मैच की बातें कर रहे हैं जैसे इंजीनियरिंग के आखिरी सेमेस्टर में क्लास मॉनिटर टाइमटेबल भेजता है — बिना उत्साह के, लेकिन आदत में।


पिछले 13 महीनों में भारत का घरेलू प्रदर्शन

पिछले एक साल में भारत की घरेलू प्रदर्शन वाली पटकथा कुछ इस तरह रही है कि इसे बॉलीवुड बनाना चाहे तो नाम रखना पड़ेगा —
🎬 “हमसे न हो पाएगा — टेस्ट एडिशन।”

भारत की हालिया घरेलू टेस्ट सीरीज (तालिका)

सीरीज रिज़ल्ट मैचों की संख्या
भारत vs न्यूजीलैंड 2024 न्यूजीलैंड 3-0 3
भारत vs वेस्टइंडीज 2024 भारत 2-0 2
भारत vs साउथ अफ्रीका 2025 साउथ अफ्रीका 2-0 2

7 में से 5 मैच हारना बुरा है, लेकिन यह सोचना कि घर में भी हार रहे हैं — वह और ज्यादा बुरा। और जब पता चले कि पाकिस्तान घर पर भारत से बेहतर खेल दिखा रहा है, तब क्रिकेट प्रेमी कहते हैं —
“भाई, ये timeline असली है या Elon Musk अप्रैल फूल मना रहा?”


पाकिस्तान ने भारत से अच्छा खेला?

जी हां, यह सच है। पाकिस्तान ने इस दौरान अपने घरेलू मैदान में 7 टेस्ट खेले, जिसमें 4 जीते और 3 हारे। तीखा सच: पाकिस्तान ने उसी साउथ अफ्रीका को 1-1 की बराबरी पर रोका, जिसने भारत को एकतरफा हराया।

शायद पाकिस्तानी घास भी अब इंडिया की घर की पिचों से ज्यादा दोस्ताना है।


टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन के 3 बड़े कारण

1️⃣ गौतम गंभीर की रणनीति और टीम कॉम्बिनेशन

गंभीर को टीम का जिम्मा मिलने के बाद उम्मीद थी कि वह IPL की तरह आक्रामक और सोची-समझी रणनीति अपनाएंगे। लेकिन हो रहा उल्टा। गंभीर ऑलराउंडर्स पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं, और यह ऑलराउंडर्स न गेंदबाजी में चमक रहे हैं, न बल्लेबाजी में।

तीन स्पेशलिस्ट बल्लेबाजों के साथ टेस्ट खेलना ऐसा है जैसे शादी में सिर्फ तीन लोगों को खाना बनाना हो —
एक नान, एक चावल और एक गुलाब जामुन बनाने वाला। बाकी सब “मन से” मदद कर रहे हैं।


2️⃣ युवा खिलाड़ियों की नाकामी

भविष्य के सितारे कहे जाने वाले यशस्वी जायसवाल, नीतीश रेड्डी, साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल जैसे नाम इस समय संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं।

  • यशस्वी: 4 पारियों में 3 बार 20 से कम

  • साई सुदर्शन: 15 और 14

  • ध्रुव, वॉशिंगटन, नीतीश: बस “बनाम रेड्डी” की तरह स्कोर

ऐसा लग रहा है जैसे IPL मोड में खेल रहे हों। टेस्ट में patience चाहिए, और इनके शॉट देखकर ऐसा लगता है — “Reels बन रही है या batting हो रही है?”


3️⃣ बल्लेबाज स्पिन और पेस दोनों में फेल

यह समस्या सबसे चौंकाने वाली है। घर में भारतीय बल्लेबाज स्पिनर्स के खिलाफ मजबूत होते हैं, लेकिन अब आंकड़े कुछ और कहानी बता रहे हैं।

  • साउथ अफ्रीका सीरीज में दो टेस्ट में भारत ने 38 विकेट गंवाए।

  • इनमें 25 स्पिन और 13 पेस गेंदबाजों ने निकाले।

यह आंकड़ा बताता है कि बल्लेबाजों को अब गेंदबाज नहीं, गेंद ही दुश्मन लगने लगी है।


टेस्ट फैंस की स्थिति

स्टेडियम में बैठे फैंस की हालत देखकर लग रहा है कि अगली बार वे मैच टिकट खरीदने की बजाय Netflix का प्लान खरीदेंगे।
कम से कम वहां “Skip Intro” का बटन तो होता है।


भारत और अन्य देशों का घरेलू टेस्ट प्रदर्शन तुलना

टीम खेले गए टेस्ट जीते हारे खास बात
भारत 7 2 5 दो बार क्लीन स्वीप झेला
पाकिस्तान 7 4 3 SA के खिलाफ सीरीज बराबर
न्यूजीलैंड भारत को 3-0 हराया भारत को हिला दिया
जिम्बाब्वे ज्यादा मैच हारे भारत के बाद दूसरा सबसे खराब रिकॉर्ड

क्या टीम इंडिया वापसी कर सकती है?

क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आता रहता है। पुरानी टीम इंडिया का भी एक दौर ऐसा था जब 90 के दशक में हार भी मैनेजमेंट का बड़ा हिस्सा था। फर्क बस इतना है कि तब सोशल मीडिया नहीं था, वरना लोग पहले ही कह देते:

“दादा, ODI में ठीक हो… Test में मत आओ।”


FAQs

Q1: क्या टीम इंडिया अगले मैच में बदलाव करेगी?
संभावना है, लेकिन बदलना तभी फायदेमंद होगा जब खिलाड़ी टेकनीक बदलें, सिर्फ जर्सी नंबर नहीं।

Q2: क्या युवा खिलाड़ियों को और मौका मिलेगा?
हाँ, लेकिन उन्हें मौका कम और धैर्य ज्यादा चाहिए।

Q3: क्या गंभीर कोच बने रहेंगे?
जब तक BCCI को नया “magic coach” नहीं मिलता, हाँ।


निष्कर्ष

भारत की टेस्ट टीम इस समय ऐसे दौर से गुजर रही है जिसे क्रिकेट की भाषा में “transition phase” कहा जाता है, और फैंस की भाषा में — “भाई ये क्या हो रहा है?”

रोशनी की किरण यह है कि भारतीय क्रिकेट में टैलेंट की कमी नहीं है, लेकिन सही संयोजन, सही मानसिकता और सही रणनीति की जरूरत बहुत ज्यादा महसूस हो रही है।

वक्त बताएगा कि यह एक अस्थायी गिरावट है या आने वाला बड़ा संकट।

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